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बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

1411 बाघ बचे हैं


1411 बाघ बचे हैं आजकल चारों  तरफ विस्तृत रूप से फैला है|अब मुझे समझ नहीं आता कि अब मै क्या करूँ .....जा कर जंगल में डेरा डालूं ??????आप ही सोचो ये तो एक दिन में हुआ नहीं तो अचानक बाघों कि चिंता सरकार  को क्यों हो गयी ...मेरा सोचना तो ये है कि इतने आतंकवाद,इतनी पार्टियों के बीच की खींचतान,नेताओं का बाघपन ही कारण है जो की असली बाघों पर गाज बन कर गिरी  और इश्वर की मर्ज़ी से अब केवल 1411 बाघ बचें  हैं |
हाय बिचारे बाघ,लेकिन इनके दिन भी लौट आये है चाहे सरकार इंसानों को ना पूछे लेकिन सरकार की गाज सरकारी अफसरों पर  जरुर पड़ी है चाहे वो बिचारे अपने बच्चों का कम सोचें लेकिन बाघों के लिए पूरा ध्यान रखना ही उनका फ़र्ज़ हो गया है क्योकि अब तो ये बाघ भी सरकारी मेहमान हो गए है| कोई जमाना था जब राजा की शान होती थी शेर बाघ के शिकार का ,अब जमाना बदला समय बदला और ये जानवर बन गए सरकारी दामाद |एकदम बारात के दुल्हे के मुताबिक इनकी देख रेख करना सबका कर्तव्य बन गया है|
अब इनको बचाने का खर्चा सोचो,प्रत्येक टीवी  चैनल पर बाघ बचाओ कार्यक्रम  चल रहा है इसके लिए क्रिकेटर या फ़िल्मी स्टार  विज्ञापन के लिए लेते है आगे हम सब समझ सकते है ............अब हर समय एक और डर रहता है कि १४११ से १४१२ तो  हो जाये लेकिन ......चलो आखिरी में मै यही भगवान से प्रार्थना करुँगी कि हे महामहिम ईश्वर बाघों पर नजर मत लगाना उनकी दिन दुनी रात चौगुनी प्रगति करना....बाघों का परिवार बढ़ेगा तो हमें भी सुख शांति मिलेगी.............
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1 टिप्पणी:

  1. कोई जमाना था जब राजा की शान होती थी शेर बाघ के शिकार का ,अब जमाना बदला समय बदला और ये जानवर बन गए सरकारी दामाद. बहुत बढ़िया व्यंग. इसी विषय पर कृपया मेरा व्यंग भी देखें

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