Hmarivani

www.hamarivani.com

Hmarivani

www.hamarivani.com

रविवार, 29 नवंबर 2009

ज्योतिष क्या है ? What is Astrology ?


This is my 100th Post.




ज्योतिष उस विद्या का नाम है , जिसके द्वारा आकाशीय ग्रहों के माध्यम से भूत , भविष्य और वर्तमान का हाल जाना जा सकता है | ज्योतिष शास्त्र  का अपर नाम ज्योति शास्त्र  भी है | ज्योति शास्त्र का अर्थ हुआ - प्रकाश देने वाला शास्त्र | अर्थात वह शास्त्र जो संसार के सुख - दुःख , जीवन मरण एवं ब्रह्मांड जैसे विभिन विषयों पर प्रकाश डालकर उन्हें उजागर करने के क्षमता  रखता है |

सौर मंडल में सूर्य , चन्द्र , मंगल आदि ब्रम्हांडीय पिंडों को ज्योतिष या ज्योतिष्क  कहा जाता है |

ज्योतिष के उत्पत्ति कब हुई , इस विषय में निश्चत  रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता | किन्तु , इसके प्राचीनता इस बात से सिद्ध होती है की संसार के सबसे प्राचीन ग्रन्थ "वेद " मानें जातें हैं ; और ज्योतिष वेदों का अंग है |
वेद के छह अंग हैं - शिक्षा , कल्प , व्याकरण , निरुक्त , छंद   एवं ज्योतिष |

संसार की  प्रत्येक वस्तु तथा प्राणी गृह नक्षत्रों के प्रभाव से पूर्ण  प्रभावित हैं |  ज्योतिष शास्त्र की सहायता से भूत , भविष्य एवं वर्त्तमान का ज्ञान प्राप्त कर अपने प्रयत्नों द्वारा वर्तमान तथा भविष्य के जीवन को प्रभावित एवं परिवर्तित भी किया जा सकता है | अतः यह शास्त्र जो होना है वह होगा ही पर आश्रित केवल भाग्यवादी बने रहने के लिए नहीं कहता , अपितु भविष्य में घटने वाली घटनाओं का पूर्वाभास होने पर उनसे बचने , उन्हें बदलने या मिटने के लिए प्रयत्नशील होने की प्रेरणा भी देता है |

इस प्रकार ज्योतिष  शास्त्र भाग्य और कर्म के समन्वय का सेतु है |
ज्योतिष द्वारा अपना भविष्य जानने के लिए किसी  विद्वान ज्योतिषाचार्य को ही अपनी कुंडली दिखाना चाहिए तथा परामर्ष लेना चाहिए अन्यथा लोग हमेशा भ्रमित रहेगे | 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें